उंगलिया पकड़ लो
और दिखा दो बचपन ए को
इस प्रकृति के भोर
के तारो को
अस्तित्व हनन
उनका जिन्होंने
जिह्नोने तम को
रौशन किया
प्रकृति की मधुर वीणा पर
नाचता हुआ नृतकप्रिय
मोहता जग को
प्रकृति की उंगली पकड़
उंगलिया पकड़ लो
और दिखा दो बचपन ए को
इस प्रकृति के भोर
के तारो को
अस्तित्व हनन
उनका जिन्होंने
जिह्नोने तम को
रौशन किया
प्रकृति की मधुर वीणा पर
नाचता हुआ नृतकप्रिय
मोहता जग को
प्रकृति की उंगली पकड़
यह रात बिना चाँद की,
फिर क्यू यह सितारों का मेला,
आज लगे कुछ आसमा अकेला,
हमेशा जो आता था
सितारों की बग्घी मे,
फिर अकेले क्यों आये,
सितारें चाँद को छोड़ कर, ( आशु )
Coming soon more......
GOOD night
कुछ अन छुई सी ज़िंदगी
कुछ अनछुए से पल
कुछ दबी हुई
अतीत की यादें
आज सहसा आप ने
जगा दिए
ओह रात रात भर
चाँद को देखकर
अपने सपनें सजोने
वो अपनी उंगली से
असमा पर लकीरे बनाना
वो तारो को गिन कर
फिर भूल जाना।
(आशु)
मन भी बड़ा चंचल ,
कभी उदास , कभी निराश,
कभी टूटती आशाए,
कभी उत्त्साह की लहर दिखाए।
कभी पहुँच जाए उन यादों पर,
जो दिल मे एक ख़ुशी ले आए,
कभी कभी अतीत पन्नें ,
बार बार उही दिखलायें,
कभी बचपन की उन गलियो मे,
जाकर अपनों से मिल आए,
कभी धुंधली सी तस्वीरें ,
उन शरारतों की दिखलाए,
कभी माँ के हाथ की रोटी,
कभी वह स्वाद ले आये,
कभी लोरियों की याद ले आए
कभी वो आँचल की ठंडक,
कभी माँ के गोद की याद दिलाये,
आशु
नजारो का मज़ा तो ख़ूब लिया।
अब किसानो से पुछो
बारिस ने कमर तोड़ दिया
हम खूब भीगें बारिस मे
पर उनका क्या जो पसीनें
से भीग कर आनाज उगाते है
आज आँशु भी नहीं है
आँखो में
इस मौसम वो भी सोक लिया। (आशु)
उठो चलो ,
बदलो खुद को
समाज को
फैली बुराइयों को
मिटा दो ,
कुछ अहसाहो
के लिए हाथ बढ़ा दो
रो मत
तुमको बदलना है
उठो लड़ो
खुद के लिए
दुसरो से बेहतर
खुद को बना लो
हाथो की लकीरें
मत देख
उसको एक दिन
बिगड़ना है
उठो लड़ो
जब तक न थको
हार को हार में
बदलना है
रुको मत
उठो बदलो
खुद को
अभी तो तुमको
पूरा जहाँ बदलना है
यह इक इंतिहा है
ज़िन्दगी का
कुछ पाने का
कुछ कर दिखाने का
मत सोचो
बस लड़ पड़ो
फिर चल पड़ो
गिरो उठो
फिर दौड़ पड़ो (आशु)
एक दिन यह चेहरा भी
बदल जयेगा,
इन झील सी आँखो में
मोतियाबिंद हो जायेगा,
चेहरे की लालिमा मिट जायेगी,
इन हाथो मे झुर्रिया आ जाएगी,
जो करी थी दोस्तों के संग पार्टी -सार्टी,
वो ईस्वर की भक्ति मे बदल जायेगा,
क्या है
जीवन यह तब समझ आएगा,
जब कोई अपना
अपनी आँखो के सामने मर जयेगा,
आज हम दोस्ती भी करते है
चेहरे देख कर,
उनका चेहरा भी बदल जायेगा,
कुछ नहीं होगा हाथ में ,
खली हाथ ही जहाँ से रुक्सत हो जायेगा,
बस तेरा नाम रह जायेगा,
कुछ अच्छे कामो के साथ,
बस तेरा नाम रह जायेगा,